Saturday, October 12, 2013

अपनी ही माँ को..आसाराम बापू पर बलात्कार का आरोप लगाने का दबाव....

गो-हत्या

मोदी ने कहा कि
वह गो-हत्या बंद करायेंगे लेकिन समझाकर, परन्तु बंद कराएँगे जरुर......
डॉ सुब्रमनियन स्वामी ने कहा कि
वह भारत में 20-25 लीटर दूध देने वाली गायो की नस्ल विकसित करना चाहते हैं.............
लेकिन गाय के ऊपर हमने मुलायम-लालू-शरद यादव जैसे यदुवंशियों का
एक भी वयान नहीं देखा.....????????..........

सिर्फ मुस्लिम वोट है मुद्दा......
भारत में सनातन से पायी जाने वाली “गीर” गाय जो 65 लीटर दूध देने का “रिकार्ड” बना चुकी है
और जो देशी नस्ल की टिकाऊ और बीमार न होने वाली गाय है,
उसी को यदि “ब्रीडिंग” किया गया होता तो आज भारत में हर तरफ दुधारू गायो का तांता गया होता.
गीर गाय शारीर से भरी होने के साथ साथ हर मामले में भैंस को मात दे दती है,
यह भैंस से कम खाती है लेकिन दूध भैंस से ज्यादा और गाढा होता है,
भैंस बदबू मारती है लेकिन गाय से जगह शुद्ध होती है.
गीर देशी गाय होने की वजह से इसका दूध दवा है. यह गाय गोबर और गो-मूत्र भरपूर मात्रा में देती है. शुद्ध गीर गाय भारत में सिर्फ 5000 की संख्या में ही बची है
लेकिन सरकार इसे जानबूझकर खतम करना चाहती है पता नहीं क्यों???

एक साजिस के तहत विदेशी इसाइयों ने
भारत में जर्सी गाय (एक प्रकार का सूअर) देकर
भारत के निरोगित देशी गायो को कटवाकर सब मांस यूरोप में सप्लाई करवा लिया
और यह अभी तक जारी है.
गीर गायो का व्यापक ब्रीडिंग होने से लोग भैंस पालना कम कर देंगे.
गीर गाये भरी मात्रा में बिदेशो को बेचीं गयी
खासकर ब्राजील में.....

इस पर रोक लगाकर .....भारत के हर गाव गीर गाय की नस्ल पहुचाई जाये
और यह काम सरकार ही कर सकती है.
गीर गाय की नस्ल .... गाव गाव में कांग्रेस तो पहुचाने से रही...
इसलिए इस बार मोदी विकल्प होंगे...



हमारी आप सब से एक राष्ट्रभक्त होने के नाते ये अपील है की
अगर आपको अपने छेत्र का उमीदवार पसंद न हो तो भी
बीजेपी को ही जिताये क्यों की
मोदी जी को पता है कि कैसे काम कराया जाता है ...!!!!.


सैना की कार्य शैली सेनापति पर निर्भर करती है ।। एक मुस्त बीजेपी को जीताना है मोदीजी के लिए ।।


हिन्दू धर्म में लिखा हे ...जिस जिस स्थान पर गौमाता के रक्त और आसू गिरते हे उस स्थान का सत्य और धर्म का नाश हो जाता और विनाश शुरू होता हे
इस बात का वैज्ञानिक सत्यता डॉ बजाज जो की आई आई टी के प्रोफ्रेसर ने दी जिनके अनुसार जब जब गौ माता की हत्या की जाती हे तो उनके शरीर से बहूत ही भयंकर तरंगे (वाइब्रेशन) निकलते हे ,जिससे भयंकर प्राक्रतिक आपदा आती हे जैसे भूकंप तूफान

आज ये अन्द्रप्रदेश में होने जा रहा हे वो इसी का नतीजा हे मेरी नजर में
गुजरात के भुज में जो भूकंप आया उसमे भी 90% लोग वो ही थे जिनके हर शुकवार को हलाल करने का रिवाज हे ..

Thursday, October 10, 2013

भगवान शिव की वेशभूषा में दिल्ली के चांदनी चौक पर पैडल रिक्शा चलवाया



आज आमिर खान प्रोड्क्शन ने अपनी फिल्म पिके के पब्लिसिटी के लिए हिन्दुओ
का घोर अपमान किया | उसने एक व्यक्ति को भगवान शिव की वेशभूषा में दिल्ली
के चांदनी चौक पर पैडल रिक्शा चलवाया

Saturday, October 5, 2013

ये मनमोहन सिंह दुनिया के सबसे बड़े थेथर और बेगैरत इन्सान है

  ये मनमोहन सिंह दुनिया के सबसे बड़े थेथर और बेगैरत  इन्सान है  मित्रो, ऐसा नही है की सिर्फ राहुल गाँधी ने  ही मनमोहन सिंह का भरी सभा में सार्वजनिक रूप  से अपमान किया हो ... इसके पहले राहुल जी के पिताश्री राजीव गाँधी ने तो भरी सभा में मनमोहन सिंह को जोकर कहा था | राजीव गाँधी के समय मनमोहन सिंह योजना आयोग ने उपाध्यक्ष थे ... योजना आयोग की बैठक चल रही थी ..प्रधानमन्त्री योजना आयोग का पदेन अध्यक्ष होता है ...बैठक के बाद मीडिया के सामने राजीव गाँधी ने कहा की मै अपने योजना आयोग से खुश नही हूँ .. ये लोग "बंच ऑफ़ जोकर" जोकरों का समूह" है और मनमोहन सिंह जोकरों के प्रमुख है | इस अपमान के बाद भी मनमोहन सिंह का गैरत और आत्मसम्मान नही जगा .. फिर उनके करीबी मित्र सुब्रमन्यम स्वामी ने उनको कहा की मनमोहन तू कैसा सरदार है इतने अपमान के बाद भी नौकरी कर रहा है .. बोल तो मै तुझे विश्व बैंक में लगवा दूँ .. फिर मनमोहन सिंह सुब्रमन्यम स्वामी के प्रयासों में विश्व बैंक में अफ्रीका के प्रमुख बनकर भारत ही छोड़ दिए | फिर आज इतिहास खुद को दुहरा रहा है .. किरदार वही है .. अपमानित होने वाला वही है ..बस अपमान करने वाला पहले बाप होता था अब बाप का नशेड़ी शहजादा है |

रामराज्य के प्रतिपक्ष में एक प्रतिरोध

मेरी महात्मा गांधी से कभी नहीं बनी। वह रामराज्य चाहते थे, मैं बिल्कुल नहीं, क्योंकि यह व्यंग्यकारों के पेट पर लात मारने वाला काम है। आज भी कुछ लोग रामराज्य चाहते हैं, पर यदि चाहने से ही सब कुछ मिल जाता, तो आज हेमा मालिनी हमारे नाती-पोते संभाल रही होंती। कल्पना तो अच्छी खासी कला को किन्नर बना देती है। रामराज्य आने से कार्टूनिस्टों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। यह एक वीभत्स खयाल है। काटरून ही पाठकों को सूखे संपादकीय से सुरक्षा देते हैं। मैं रामराज्य से नफरत करता हूं। यह व्यंग्यकारों का मनोबल गिराता है। मनोबल सिर्फ पुलिस का गिरना चाहिए और किसी का नहीं।

गांधी के प्रस्ताव के अनुसार, रामराज्य में स्कूलों में मास्टर रहेंगे। अस्पतालों में डॉक्टर मिलेंगे। बिजली, पानी की कटौती नहीं होगी। पुल नहीं गिरेंगे। नालियों तक में घी-दूध बहेगा। प्रजा को न्याय मिलेगा। पुलिस शालीन रहेगी। वकील झूठ नहीं बोलेंगे। जब तक शादी न हो जाए, मुहल्ले भर के लड़के-लड़कियां भाई-बहन होंगे। हीरोइनें पूरे कपड़े पहनेंगी। रहमान के संगीत में शोर की जगह सुरीलापन रहेगा। रावण संन्यास ले लेगा। विभीषण भूखों मरेंगे। सब कुछ चकाचक! लोग दुष्टता के लिए तरस जाएंगे।

रामराज्य में तेजाब लड़कियों के चेहरों पर असर नहीं करेगा। ऐसी बसें बननी बंद हो जाएंगी, जिनमें बलात्कार होता है। शूर्पणखा की नाक नहीं कटेगी। न जटायु मरण होगा,  न सीता हरण। चहुंओर सुख-शांति होगी। सुख-शांति होगी तो हम व्यंग्यकार, काटरूनिस्ट क्या घुइयां छीलेंगे?  जिस राष्ट्र का धृतराष्ट्र अंधा न हो, वहां भला महाभारत किस काम का?

हे रामराज्य चाहने वालो। साहित्य में हमारी हैसियत हो न हो, मगर अखबारों में तो है। किस माई के लाल ने डिब्बे का दूध पिया है, जो रामराज्य लाए। तुरुप का पत्ता है हमारे पास। अजी, हम रामराज्य के धोबी बन जाएंगे। ऐसे व्यंग्य बाण मारेंगे कि सीता को दुबारा जंगल जाना पड़ेगा। हमने कच्ची गोलियां नहीं खेलीं। यही चुनौती मैंने पिछले दो अक्तूबर को गांधीजी को दी। वह बेचारे क्या जवाब देते? वापस प्रतिमा बन गए। अब हमसे पंगा लेगा कौन?

Thursday, October 3, 2013

बंच ऑफ़ जोकर

ये मनमोहन सिंह दुनिया के सबसे बड़े थेथर और बेगैरत इन्सान है मित्रो, ऐसा नही है की सिर्फ राहुल गाँधी ने ही मनमोहन सिंह का भरी सभा में सार्वजनिक रूप से अपमान किया हो ... इसके पहले राहुल जी के पिताश्री राजीव गाँधी ने तो भरी सभा में मनमोहन सिंह को जोकर कहा था | राजीव गाँधी के समय मनमोहन सिंह योजना आयोग ने उपाध्यक्ष थे ... योजना आयोग की बैठक चल रही थी ..प्रधानमन्त्री योजना आयोग का पदेन अध्यक्ष होता है ...बैठक के बाद मीडिया के सामने राजीव गाँधी ने कहा की मै अपने योजना आयोग से खुश नही हूँ .. ये लोग "बंच ऑफ़ जोकर" जोकरों का समूह" है और मनमोहन सिंह जोकरों के प्रमुख है | इस अपमान के बाद भी मनमोहन सिंह का गैरत और आत्मसम्मान नही जगा .. फिर उनके करीबी मित्र सुब्रमन्यम स्वामी ने उनको कहा की मनमोहन तू कैसा सरदार है इतने अपमान के बाद भी नौकरी कर रहा है .. बोल तो मै तुझे विश्व बैंक में लगवा दूँ .. फिर मनमोहन सिंह सुब्रमन्यम स्वामी के प्रयासों में विश्व बैंक में अफ्रीका के प्रमुख बनकर भारत ही छोड़ दिए | फिर आज इतिहास खुद को दुहरा रहा है .. किरदार वही है .. अपमानित होने वाला वही है ..बस अपमान करने वाला पहले बाप होता था अब बाप का नशेड़ी शहजादा है |

Wednesday, October 2, 2013

इन कुकर्मी नकली गांधियों को गांधी ने ही चुना था !!!!




इन कुकर्मी नकली गांधियों को गांधी ने ही चुना था !!!!
गांधी के नश्वर शरीर का अंत -नाथूराम की तीन गोलियों ने कर दिया था ..लेकिन उनका नाम चुरा कर नकली गांधी १९४८ से आज तक लगातार उनके सिद्धांतो की और उनकी आत्मा की ह्त्या कर रहे हैं ..इन कांग्रेसी पिशाचों ने गांधी की लाश पर जम कर वोटों की फसल काटी है .....दुर्भाग्य से गांधी ने स्वयं ही रंगीन मिजाज नेहरु को अपना उत्तराधिकारी चुना था ......गांधी गौ रक्षाचाहते थे ..इन कांग्रेसियों ने भारत को ..गौ मांस की सबसे बड़ी मंडी बना दिया ....गांधी ग्राम स्वराज की बात करते थे ..इन पिशाचो ने कृषि को बर्बाद करके लाखों किसानो को आत्महत्या पर मजबूर करके लाखों गाँव उजाड़ दिए हैं .........इन दुष्टों ने गांधी के ग्रामोद्योगों के सपनो की छाती में F.D.I. के भाले घौप दिए हैं ..गांधी के सत्य और अहिंसा की धज्जियां उड़ा कर कांग्रेसियों ने लूटमार और घोटालों के नए कीर्तिमान बनाए हैं ..देशभक्तों पर गोलियां चलवा कर खूनी जेहादी दरिंदों का पोषण किया है ....हर २ अक्तूबर और ३० जनवरी को ये डकैत नकली गांधी -कांग्रेसी ,,राजघाट पर """रघुपति राघव राजाराम """ गा गा कर मानो गांधी की लाश में भी नश्तर चुभो -चुभो कर उन्हें चिढाते हैं ..निःसंदेह समाधी में सोये गांधी हजारों बार --नाथूराम गोडसे को धन्यवाद देते होंगे ..की उनके नाम को चुराने वाले नकली गांधियों के कुकर्म देखने से पहले ही उसने उनके शरीर को विश्राम दे दिया ....!!!!!!!.हे राम !!!!!!

Paid मीडिया का रोल

क्या मोदी सरकार पिछली यूपीए सरकार की तुलना में मीडिया को अपने वश में ज्यादा कर रही हैं? . यह गलत धारणा पेड मीडिया द्वारा ही फैलाई गयी है ...