Saturday, September 14, 2013

मुजफ्फर नगर के हमलो में ऐसा बहुत कुछ है जो छिपा लिया गया

मुजफ्फर नगर के हमलो में ऐसा बहुत कुछ है जो छिपा लिया गया , दबा दिया गया , शासन वर्ग विशेष के हमले के सबूतों और साजिश को छिपाने में मिटाने में जी-जान से लगा हुआ है .
मेंन स्ट्रीम मिडिया के लोग विदेशी मालिको से तनख्वाह और पेट्रो डालर की लालच में ''भारतीय दर्शन'' [हिन्दू सभ्यता] से खार खाए है , और सरकार की हाँ में हाँ मिलाने का मतलब है , मोटा माल और अन्य प्रकार से अनुग्रहित कर सकने का सामर्थ्य रखने वाली दुधारू गाय ,
अब जब हिन्दू विरोध में हर तरह से लाभ है , यानि दसो उंगलिया घी में और सर कढ़ाई में , तो कौन कमबख्त सच और न्याय उसूल के पंगे में पड़े !
इनके लिए तो पैसा और खरीदे जा सकने वाले सुख ही चरम सुख है
लेकिन छोटे शहरो के मध्यवर्गी लोग और सिधांत प्रिय व्यक्तियों ,पत्रकारों की वजह से सच रिस-रिस कर बाहर आ रहा है
लेकिन ये सच अलग-अलग टुकड़े में है और झूठ के शोर में दब जाता है
अब जैसे एक अत्यंत भयंकर सच भाकियू के नरेश टिकैत ने बताया-------
हिन्दुओ की पंचायत स्थल में एक कार में RDX प्लांट किया गया था जिसको देख लिया गया और डिफ्यूज कर दिया गया नहीं तो क्षती अत्यंत भयावह होती , बाद में पुलिस-प्रशासन ने इस घटना को दबा लिया .
अब ये अत्यंत खतरनाक विस्फोटक है कोई चना-चिप्स तो नहीं था जिसकी बरामदगी को दबा दिया ,स्वचालित हथियार मिले , हैड ग्रेनेड मिले मस्जिदों से सेना पर मोर्चा तक खोला गया , इसकी तो सघन जाँच -पड़ताल होनी चाहिए की ये आया कंहा से ! साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए
नहीं तो बहुसंख्यको में ये भावना मजबूत होगी की ये वर्ग विशेष मुस्लिम ही आतंकवादी होता है


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