Sunday, September 8, 2013

*एलियन का रहस्य*

*एलियन का रहस्य*
जिस तरह पुरी के शंकराचार्य भारतीकृष्णतीर्थ जी ने ध्यान ओर समाधि की अवस्था मे वैदिक गणित के 16 सूत्र के दर्शन किए ओर उन पर वैदिक गणित नामक एक पुस्तक की रचना की ठीक इसी तरह एक योगी श्री जितेन्द्र लं. खडके ने "परगृहवासियांचे अस्तित्व"नामक ग्रंथ की रचना की है।लेखक ने ध्यान समाधि द्वारा एलियन के लगभग 350 रहस्य अपनी इस पुस्तक मे किए है।
पंतजली कृत योगदर्शन मे आया है
"भुवन ज्ञानं सूर्य संयमात्॥3:26॥
सूर्य का संयम करने पर 14 भुवनो का ज्ञान हो जाता है।
"मूर्ध्य ज्योतिषी सिध्द दर्शनाम्॥3:28॥
ब्रह्मरंध्र मे संयम करने पर लोक परलोक,ओर पृथ्वी के बीच मे विचरण करने वाले सिध्दो(एलियन्स)के दर्शन ओर उनके बारे मे ज्ञान प्राप्त होता है।
लेखक का दावा है कि इस पुस्तक मे एलियन के बारे मे जो जानकारी है वह किसी भी वैज्ञानिक ओर नासा के पास भी नही है।
पुस्तक के कुछ अंश एलियन्स के बारे मे-
1) इस पृथ्वी पर जिस तरह लोग रहते है ठीक उसी तरह अन्य गृह पर सजीव रहते है।
2)जरा सोचिए अगर कोई एलियन हमारी पृथ्वी पर किसी सुनसान जगह पर उतरा जहा कोई सजीव उसे दिखाई न दे तो वह यही सोचेगा कि पृथ्वी पर कोई जीवन नही है ठीक उसी प्रकार हम दूसरे गृह के बारे मे सोचते है।
3)हम पृथ्वी पर आक्सीजन के सहारे रहते है।मछलिया जल मे घुली हुई आक्सीजन के सहारे रहती है,अग्नि तत्वो मे भी सूक्ष्म जीव पाए जाते है उसी तरह एलियन भी मंगल,सूर्य,शनि इत्यादि गृहो पर उपस्थित तत्वो के सहारे जीते है।
4)एलियन के पास जैली जैसी एक चीज है जिसमे अनोखा जानलेवा जन्तु है।
5)बर्म्युडा ट्रेंगल के चारो ओर 2 kM चोडा ओर 2 km गहराई मे एलियन्स का नियंत्रण है।
6)एलिसनो को हमारी तरह भ्रमण ध्वनी यंत्रो की जरूरत नही होती है बल्की वे इक दूसरे से सीधा संपर्क कर सकते है।
7)मंगल गृह पर 100 फीट की गहराई मे जल का स्रोत है।
8)कुछ एलियन तो उनके गृहो पर बैठे बैठे हमारे गृह की जानकारी प्राप्त कर सकते है।
9)एलियनो के पास एक ऐसा यन्त्र है जिससे वह हमारे गृह के सजीवो के लगा देते है ओर उनके बारे मे जानकारी प्राप्त करते है।
10)एलियन की उडन तस्तरियो की रफ्तार 1/2 कि.मी./सै. है।
11)एलियनो की उडनतस्तरियो मे गुरूत्वाकर्षण शक्ति का प्रयोग होता है ओर वे 50 फीट ऊपर से कोई भई वस्तु अपनी तरफ खीच सकते है।
12)एलियन की कई तस्तरिया चालक विहीन है।
13)सूर्य मलिको के अगले हिस्सो मे एलियन का एक संसार है जिनकी लंबाई मात्र 3 फीट है।
14)जिस तरह पृथ्वी पर उल्कावर्षण होता है ठीक उसी तरह मंगलगृह पर काले पत्थरो का वर्षण होता है।
15)कुछ गृह के एलियन का शरीर रबर की तरह लचीला होता है।
16)कुछ गृह पर डायनासोर से भी विशाल एलियन है।
17)कुछ एलियन हवा मे उपस्थित अणु ओर रेणु को एकत्रित कर उनसे कम्प्युटर जैसी स्क्रीन बना लेते है जिससे वह आपस मे संपर्क करते है ।
18)मंगल गृह पर 7 से 9किमी. गोल गोल घेरो वाली बडी बडी सरोवरे है जो दबी हुई है।
19)मंगल गृह पर अलग अलग जगह अलग अलग मृदा पायी जाती है,कई ताम्र रंग की कई चमकीली कई भुरहरी मृदा पायी जाती है।
20)सूर्य से 1000 सोर वर्ष दूर सूर्य से 25 गुना बडा एक तारा है जिसके प्रत्येक गृह पर एलियन है।
21)अधिकतर एलियन अपने अपने गृहो पर नरम स्थानो पर रहते है।
22)मंगल गृह पर 70 से 75 फीट नीचे धाव पट्टिया है।
23)शनि गृह पर 62000 मील भीतर वलय पर वातावरण का बार बार बदलाव होता है।
24)2050 ओर 2060 मे एलियन पृथ्वी पर हमला करेगे ओर भविष्य मे सागर के बीच मे से बडा उद्रेक होगा।
लेखक के द्वारा मंगल चन्द्र पर जल की उपस्थिती की भविष्यवाणी नासा ओर चंद्रयान के खोजने से पूर्व कर दी गई थी।लेखक से हमने फोन पर भी बात की है,लेखप ने बताया कि मुद्रा ओर अन्य कुछ कारणो से पुस्तक को प्रकाशित नही किया गया है।लेखक इस पुस्तक को मराठी के अलावा हिन्दी ,अंग्रेजी,कन्नड,बंगाली,7 अन्य भाषाओ मे भई लिखेगे।लेखक ने हमसे वादा किया है जल्द ही इसका हिन्दी मे रूपान्तरण किया जाएगा ओर पहली पुस्तक हमे दी जाएगी।
इस विडियो को भी देखे:-
http://m.youtube.com/watch?v=P2KxrX07AmI&guid&gl=US&hl=en&client=mv-google
वास्तव मे भारत की ध्यान योग मे बहुत प्रबल शक्ति है।
इसी ध्यान शक्ति के आधार पर ऋषियो ने प्राचीनकाल मे कई आविष्कार ओर कई एसे सिध्दान्त प्रतिपादित किए है जिनहै आज के वैज्ञानिक भी नही खोज पाए है।
हमे अपनी संस्कृति के ओर लोटना पढेगा तभी हम फिर से विश्व गुरू बन पाएगे।
जय हिन्द।
वन्दे मातरम्॥

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