Tuesday, September 17, 2013

जार्ज फर्नांडिस

कहा की बीजेपी अपने लौहपुरुष को जंग लगने के लिए छोडकर सरदार पटेल के लिए लोहा मांगने चली है ... मुझे ताजुब इस बात पर हुआ की उस प्रेस कांफ्रेंस में सैकड़ो पत्रकार ने लेकिन किसी ने नितीश बाबू से ये नही पूछा की आडवानी जी तो आज भी बीजेपी के मंच पर नजर आते है ... लेकिन आपने अपने लौहपुरुष जार्ज फर्नाडिस का क्या हाल किया ??? मित्रो, इस नितीश कुमार ने जार्ज फर्नांडिस को टिकट ही नही दिया और जब वो नितीश कुमार से मिलने के लिए लगातार तीन दिनों तक पटना में रहे तो ये उनसे मिला ही नही .. और तब जार्ज फर्नाडिस ने मीडिया के कैमरों के सामने ही किसी बच्चे की तरह फुट फुटकर रोने लगे ... उन्हें दुःख इस बात का था की नितीश कुमार और शरद यादव दोनों ने जार्ज फर्नांडिस की उंगली पकडकर राजनीती का ककहरा सीखा था .. बाद में दोनों ने जार्ज साहब को उठाकर फेक दिया | जार्ज साहब आज भी दिल्ली में अपने घर में कई बीमारियों से झुझते हुए रहते है लेकिन पिछले पांच सालो से नितीश कुमार उनको देखने एक बार भी नही गये | इतना ही नही इसी नितीश कुमार ने बिहार के बड़े नेता और पूर्व विदेश मंत्री दिग्विजय सिंह को भी पार्टी में एकदम हासिये पर धकेल दिया और उनका टिकट काट दिया .. जिसमे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया .... अब अंत में नितीश जी ने लिए भोजपुरी का एक प्रसिद्ध कहावत "सूप हसे तो हसे .. चलनियो हसे जेमे बहत्तर छेद" 

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