Monday, August 5, 2013

'मस्जिद की दीवार गिराने पर दुर्गा को हटाया तो मंदिर तोड़ने वालों पर भी हो कार्रवाई'




'मस्जिद की दीवार गिराने पर दुर्गा को हटाया तो मंदिर तोड़ने वालों पर भी हो कार्रवाई'
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गौतमबुद्ध नगर से सदर एसडीएम शक्ति नागपाल के निलंबन से ठीक एक हफ्ते पहले ग्रेटर नोएडा के बीटा-1 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा एक मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था। अब लोगों की मांग है कि मंदिर ध्वस्त करने वाले प्रशासनिक अफसरों और कर्मचारियों को सरकार निलंबित करे। इस मंदिर का निर्माण सरकारी भूमि पर किया गया था। इसे 19 जुलाई को अधिकारियों के निर्देश पर ध्वस्त कर दिया गया था।
लोगों के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से अनुमति लेने के बाद 250 वर्ग फिट जमीन पर शिव मंदिर का निर्माण किया गया था। इसके लिए सन 2010 में प्राधिकरण को बकायदा 42 हजार 500 रुपए दिए गए थे। इसके बाद उक्त जमीन पर 'धार्मिक निर्माण' की इजाजत दी गई थी।
श्री राम जानकी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सनीता गदोरिया के मुताबिक, प्राधिकरण द्वारा उस जमीन पर धार्मिक कार्य की इजाजत के लिए पत्र दिया गया था। लेकिन 19 जुलाई की सुबह प्राधिकरण के अधिकारी पुलिस और पीएसी के साथ आए और उन्होंने मंदिर को ध्वस्त कर दिया। लोगों ने यूपी सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस घटना से संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
साभार : dainikbhaskar.com |
Aug 05, 2013, 16:37PM

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