Monday, August 5, 2013

तीसरे विश्व युद्ध के शुरूआती लक्ष्ण हैं




शुक्रवार को रेड अलर्ट जारी हुआ कि अल-कायदा 9/11 जैसे कारनामो को अंजाम दे सकता है, अमेरिका और भारत को खुली चुनौती दी गई...

परन्तु देश का ..."सौभाग्य"... नवरत्नों से सुसज्जित देश के एक भी इलेक्ट्रानिक चैनल ने इस Global Terrorism से सम्बन्धित खबर का प्रसारण करना उचित नही समझा l

अमेरिका ने शनिवार और रविवार को अनेक मुस्लिम देशों में अपने दूतावास बंद किये l
कनाडा ने रविवार को बांग्लादेश में अपना दूतावास बंद किया l
आज जर्मनी, इंग्लेंड, फ़्रांस आदि देशों ने भी कर दिए l

और इन सभी देशों ने अपने अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा हेतु GuideLines भी जारी कर दिए l


आशंका है कि ईद के अगले दिन से अल-कायदा, हमास प्रमुख बड़े आतंकवादी सन्गठन किसी भयावह पैशाचिक कारनामे को अंजाम दे सकते हैं ...
जैसा कि आप जानते हैं कि रमजान के महीने की सच्चाई छिपाई जाती है ...


फिर जब हुरमत (रमजान) के महीने बीत जाएँ तो मुश्रिकों (मूर्तिपूजकों) को जहाँ कहीं पो कतल करो और उन्हें पकड़ो और उन्हें घेरो और हर घात की जगह उनकी ताक में बैठो ... फिर यदि वे तौबा कर लें, नमाज कयन करें और जकात दें तो उनका मार्ग छोड़ दो .. निस्संदेह अल्लाह बड़ा क्षमाशील और दया करने वाला है (पारा 10, सुरत 9, आयात 5) 7


यदि एक महीने तक यह दूतावास चालू न हुए तो संयुक्त राष्ट्र के नियमो के तहत कड़े कदम उठाये जा सकते हैं... जिसका विरोध यूरोप-अमेरिका तथा मुस्लिम देशों के बीच एक बड़े युद्ध के बीच बदल सकता है l

कल रविवार को ही बांग्लादेश में सभी इस्लामिक संगठनो ने एक सामूहिक प्रदर्शन किया जो कि बाद में हिंसात्मक प्रदर्शन में परिवर्तित हो गया जिसमे कई हिन्दुओं को भी हानि पहुंचाई गई l


उत्तरी कोरिया अपनी मिसाईल तैनात कर चुका है ...
चीन अपना ग्वादर पोर्ट (बलूचिस्तान) में आरम्भ कर चुका है ...
अब उसको पेट्रोलियम आयात से सम्बन्धित विषय पर कोई चिंता नही है l

क्या यह ... तीसरे विश्व युद्ध के शुरूआती लक्ष्ण हैं ...

भारत की क्या तैयारी है यदि ऐसा है तो ...?
भारत की विदेश नीति क्या इस समय सक्षम है तीसरे विश्व युद्ध के परिणामो को झेलने में ?
भारत की और से अभी तक कोई Guide Lines जारी नही की गई हैं l


क्या हिंदुत्व-वादी तैयार हैं ?
तीसरे विश्व युद्ध के समय किन किन आवश्यक वस्तुओं का आयात एवं निर्यात रुक सकता है, क्या हमने सोचा है ?

ये कृषि प्रधान देश है ...
यदि पेट्रोल और डीजल का ही आयात नही होगा... तो क्या गेहूं, चावल जैसे आवश्यक पदार्थों की खेती सम्भव है ?

क्या नीति है भारत की ...
और क्या नीति है ... हिंदुत्वा-वादी संगठनो की ??

1 comment:

  1. भारत की कुछ भी नीति नहीं है

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