Thursday, March 28, 2013

आधारकार्ड या घोडे की लगाम ?

आधारकार्ड या घोडे की लगाम ?

अगर आप कोई बडी होटल या कोइ बडे मोल में या बडी होस्पिटल में गये, भले पेहली बार गये, और वहां के रिसेप्शन पर आप को कोइ मिठी आवाज में आपका नाम ले कर आपका स्वागत करे तो कैसा लगेगा ? आप खूश हो जायेंगे, आपको लगने लगेगा सारी दुनिया मुझे पहचानती है, आप का अहम संतुष्ट होगा, आप चने के पेड पर चड जाएन्गे । ये लेख आपको चने के पेड से उतारने के लिए लिखा है ।
पहले चौथी दुनियावाले मनिषभाई की बात पढ लिजीए । इस लेख की शुरुआत ही उनकी बातों से है, जो बातें उनसे छुट गई है वो मैंने आगे बढाई है ।

बिना कोइ आप की हैसियत कौन आपको पहचानेगा ? लेकिन आपको पहचाना जायेगा वो भी हकिकत है । आप के शरीरमें एक छोटासा केप्शुल लगा दिया जाएगा जो “RFID CHIP” (Radio-frequency identification ) के नामसे जाना जाता है । ये मानव के लिए एक लगाम है, जैसे घोडे के मुह में लगी लगाम, बैल के नाक में लगी नकेल, इतर प्राणी के कान में लगे डिवाईस । आप जहां भी जाओगे सेटेलाईट द्वार आप सिस्टम के साथ जुडे रहोगे । आप गूगल करना जानते हैं । आप कीसी भी बेंक, होस्पिटल, मोल में जाओगे तो वहां जाते ही वहां के कोंप्युटरमें आप खूद गूगल हो जाओगे । आप का सारा बायोडेटा उन कोम्प्युटरों में आ जायेगा । आप को पहचानने का यही तरिका है ।
rfid.verichip-details
“RFID CHIP” आपका “आधारकार्ड” है । इस के साथ बायोडाटा के अलावा आपकी पूरी प्रोपर्टी, आप के बेंक अकाउन्ट, आप की विमा कंपनी, जहां नौकरी करते हैं वो ओफिस, ये सब जोड दिया जायेगा । “न्यु वर्ल्ड ओर्डर” वाले केशलेस सोसाईटी बनाने जा रहे हैं, तो आप खूद अपना एटीएम बन जाओगे, चलन या नोट की जरूरत ही नही और वो होन्गे भी नही । कोइ भी सेवा या सामान की खरीदारी करो रकम दुकानदार आपके बेंक खाते से अपने बैंक खाते में ले लेगा । आप की पगार आप के बैंक खाते में आयेगी, आप को अपने बच्चों की जेब खर्ची उनके बैंक खातों में डालनी होगी । घर चलाने के लिए पत्नि को भी एटीएम बनाना पडेगा उस के खातेमें रकम डाल के ।
एक तरिके से आदमी सिस्टम का गुलाम हो जायेगा । अगर आदमी सरकार के विरोध में जंतरमंतर चला जाता है तो जीतने भी लोग वहां गये सब को घर वापस आना हो सब को पैदल ही आना पडेगा । सब के बेंक खाते डिजेबल कर दिये जायेन्गे । ना वो बस का टिकट ले पायेगा ना टेक्सी ना रिक्षा ।
आप की इमेल आईडी से, आप सोसियल साईट में क्या क्या गुल खिला रहे हो उस की स्टडी कर के आप की विचार धारा, आप के ईरादे समज लिये जायेंगे और आप के साथ कैसा सलुक करना है वो डेटा भी ईस आधार कार्ड में जोड दिया जायेगा ।
एक उदाहरण । अगर आप दबंग हो, सरकार विरोधी हो तो आप को “न्यु वर्ल्ड ओर्डर” का शीकार पहले बनना है, उन के डिपोप्युलेशन के एजंडे की तहत । समज लो आप बिमार पडे, अस्पताल गये, डोक्टर आप को देखने से पहले कोंप्युटर देख लेगा । सिस्टम ने आप के लिए डोक्टरों को क्या निर्देश दिये हैं देख लेगा । अगर सिस्टम आप को मारना चाहती हो तो डोक्टर आप को गलत दवा देने के लिए मजबूर होगा । अगर वो ऐसा नही करेगा तो खूद फंस जाएगा ।
इस केप्श्युअल की साईज गेहु के दाने बराबर है । लेकिन नेनो टेक्नोलोजी के कारण इसमें बहुत से डिवाईस लगे हैं । कहा जाता है की इसमें एक नेनो बंब भी लगाया गया है जो इसे शरीरे के अंदर ही तोड देता है, अंदर छूपये साईनाईड को रिलीज कर देता है । जब कोइ पोलिस अधिकारी  कीसी क्रिमिनल को शुट करना चाहता हो तो सिस्टम को अक्सेस कर के करवा सकता है ।
Micro Chip Implants Coming March 23, 2013?
You will be Microchipped – Soon!
RFID Chip Kills you if you disobey
170px-Sheep's_face,_Malta
भारत की जनता सचमुच भेंड जैसा बर्ताव करती है । एक ने बताया हम लोगों ने आधार कार्ड बनवा लिया है आपने नही बनाया ? सब भेडों की तरह दौड पडते हैं । किसी के भी मन में मनमोहन की टोली के बारे में सवाल नही उठता । निलकेणी किस हैसियत से सरकार में निर्णायक भूमिका निभा रहा है ? उस का बोस, नारायण मुर्ति फोर्ड फाउंडेशन की टीम में किस पद पर और क्या कर रहा है ? मनमोहन सबसिडी के खेल खेल कर क्यों गरीब आदमी को भी बेंक खाते खुलवा रहा है ? रिजर्व बेंक क्यों चेक की लेन देन प्रथा बंद कराने की कोशीश में हैं ?
भारत में आज भले कार्ड है केप्शुल नही । प्रमुख काम है डेटा कलेक्शन । एकबार डेटा इकठ्ठा हो जाये तो केप्शुल डालने में देर कितनी ?

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