Thursday, July 4, 2013

दुनिया का पर्दाफाश करने वाली सीबीआई का पर्दाफाश....

दुनिया का पर्दाफाश करने वाली सीबीआई का पर्दाफाश....

कितना सच कितना झूंठ?

मेरे चंद साधारण सवालों के उत्तर दे सीबीआई

1. नकली नोटों के कारोबार में शामिल जावेद शेख का पुराना अपराधिक इतिहास क्यूँ ओपन नहीं किया गया? वह किस तरह इशरत जहाँ का दोस्त बना इसका खुलासा क्यूँ नहीं किया गया?

2. पाकिस्तानी नागरिक अमज़द अली राणा के प्रमाणिक दस्तावेज क्यूँ नहीं कोर्ट में पेश किये गये? जबकि सीबीआई उन्हें हाँसिल कर चुकी है, उसकी पहचान क्यूँ अभी तक रहस्यमई बनी हुई है?

3. पाकिस्तानी नागरिक जीशान जौहर जिसको की एनकाउंटर से पहले सीबीआई के मुताबिक उसने गुजरात पुलिस को सौंपा था, उसके और अहमद के शवों पर किसी ने दावा क्यूँ नहीं किया? क्या उनकी पहचान कराना उचित नहीं था? जब मुठभेड़ में शामिल तीनो अपराधी थे और उनमे से भी दो का कोई दावेदार नहीं सामने आया तो कहानी साधारण आदमी भी समझ सकता है, ऐसे में जनता को क्यूँ गुमराह किया जा रहा है?

4. 11 जून 2004 को जावेद के साथ इशरत नासिक गई थी, अगले दो दिनों तक नासिक से ही उसने अपनी माँ से फ़ोन से संपर्क किया, इसलिए इसका कारण क्या है की जिसको महारास्ट्र में होना चाहिए था, वह गुजरात कैसे पहुँच गई?

ये चार अहम् सवाल है जो सीबीआई की पूरी जाँच का विषय ही बदल देते हैं, मतलब पूरी जाँच प्रभावित की गई है?

देश और जनता को सच जानने का हक है या नहीं? अगर है तो इन चार महत्वपूर्ण सवालों के जवाब आज मेरे माध्यम से जनता जानना चाहती है, जवाब दो सीबीआई ...

हिन्दू धर्म राजनीति

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