Monday, July 8, 2013

मुद्रा का अवमूल्यन को रोकने के लिए आम जन ये कार्य कर सकते है







भारत सरकार विदेशी लोगो को जो भी भुगतान करती है वो डॉलर के रूप में करती है। क्योंकि डॉलर टायर करेंसी का काम करता है। टायर करेंसी का मतलब है सर्वाधिक प्रचलित मुद्रा यानी डॉलर। अगर हमें तीसरे देश जैसे की सऊदी अरब को कोई भुगतान करना है तो पहले अमरेका से डॉलर खरीदेंगे तब सऊदी अरब को भुगतान करेंगे। जब हम डॉलर खरीदते है तो डॉलर हमारी मुद्रा के मुकाबले महंगा होता है । मांग और आपूर्ति का नियम लागू होता है.। और हमारे रूपये की डॉलर के मुकाबले कीमत गिर जाती है।

मुद्रा अवमूल्यन रोकने के लिए सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढाने की बात करती है जो सरासर गलत कदम है । क्योंकि जो विदेशी कम्पनी हमारे देश में मुद्रा लाएगी वो उसके बदले में २-३ साल बाद दुगना -तिगुना मुनाफा डॉलर की शक्ल में वापिस लेकर जाती है। तो फिर रिज़र्व बैंक को उनका भुगतान करने के लिए अमेरिका से डॉलर खरीदना पड़ता है और हमारी मुद्रा अवमूल्यन की दरार बढती जाती है। अमेरिका इस काम में भी दोहरा खेल खेलता है , अरब देशो को तेल बेच कर जो डॉलर भुगतान में मिलता है उसे अमेरिका सस्ते दाम में खरीदता है, और भारत जैसे देशो को जिनका आयात ज्यादा है उनको महंगा डॉलर बेचता है। इस तरह से आधुनिक गुलामी का ये हाईटेक तरीका है ।

मुद्रा का अवमूल्यन को रोकने के लिए आम जन ये कार्य कर सकते है .......

१ . हमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी उत्पादों को प्रयोग करना चाहिए। ..... जिससे हमारे देश का पैसा लाभांश के रूप में विदेशी निवशको को देश के बाहर ना जाए ।

२. हमें स्वदेशी उत्पादों को प्रयोग के साथ विदेश मे बने वस्तुयों का बहिष्कार करना चाहिए। ... जिससे हमें आयत कम करना पड़े ... क्योंकि आयात करने के लिए हमें विदेशी मुद्रा खरीदनी पड़ती है।

३. शेयर बाज़ार/ कोमोडिटी ट्रेडिंग में पैसा नहीं लगाना चाहिए । .... क्योकि विदेशी निवेशक योजनाबद्ध तरीके से हमारे देश से अरबों रुपया विदेशो में ले जातेहै। ... और उनको भुगतान बैंकों को डॉलर खरीद कर देना होता है और ।

४. क्रिकेट में सट्टा नहीं लगाना लगाना चाहिए । क्योकि सट्टे में आमजन लोग पैसा हारते है और अंतररास्ट्रीय माफिया पैसा जीतता है। और वो पैसा ये लोग भारत में आतंकी संगठनो को भुगतान कर देते है और बदले इनके विदेशी आतंकी आकाओं से विदेशी की मुद्रा के रूप में लेलेते है ,,,, जिससे हवाला का झंझट बच जाता है ये भी हाईटेक तरीका है ।

५. ठंडा मतलब कोकाकोला पेप्सी कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए .... हम अपनी अंगुल्लियो पर नहीं गिन सकते उतना पैसा रोज विदेशो में जा रहा है। जिससे सबसे ज्यादा हमारी मुद्रा का अवमूल्यन होता है ।

६. घरेलु उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा भढावा देना चाहिए । जैसे पशुपालन , जैविक खेती, बासमती चावल, कपडे बनाना, मोबाईल , टीवी बनाना, आदि जिससे हमारे देश का निर्यात बढे और उसके बदले हमें विदेशी मुद्रा मिले। महगाई भी ना बढे। और आयात भी ना करना पड़े। आम के आम और घुटलियो के ट्रिपल दाम ।

७. कम से कम विदेश यात्रा करनी चाहिए । विदेश जाने के लिए हमें डॉलर खरीदना पड़ता है जिससे हमारा रुपया गिरता है।

८. हमें अपने देश में ही पढाई करनी चाहिए । क्योकि पढाई के नाम पर करोडो रुपया हर साल विदेश में चला जाता है। जबकि वो लोग पढ़ने के लिए हमारे यहाँ आते है. हमारे देश में पढ़े डॉक्टरो, इंजीनियरों की दुनिया में सबसे ज्यादा मांग है।

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