Thursday, March 20, 2014

वाराणसी भाजपा के लिए सेफ सीट?

कुछ लपड़झंडूस आपिए कह रहे हैं की वाराणसी की सीट भाजपा के लिए सेफ सीट है वो ये कुछ बातें बताना भूल कर जितना उनके मालिक केजरीवाल ने कहा उतना भौंकते हुए चले जाते हैं

1. 2004 मे वाराणसी की सीट कॉंग्रेस के पास थी जिसको 2009 मे मुरली मनोहर जोशी जी ने जीती

2. अभी तक वाराणसी के इस संसदीय सीट से 7 बार कॉंग्रेस जीती है, 5 बार भाजपा जीती है और 1-1 बार कम्युनिष्ट पार्टी, जनता पार्टी और जनता दल ने वाराणसी की संसदीय सीट जीती है।
ऐसे मे वाराणसी संसदीय सीट से सबसे ज्यादा 7 बार जीतने के कारण ये सीट कॉंग्रेस के लिए सेफ सीट कही जानी चाहिए

3. 2009 के चुनाव मे वाराणसी संसदीय सीट से कुल 665,490 वोट पड़े जिसमे से मुरली मनोहर जोशी जी को 2009 के चुनाव मे कुल पड़े वोटों का 30.52% (2,03,122 वोट) वोट मिला वहीं दूसरे स्थान पर BSP प्रत्याशी मुख्तार अंसारी को 27.94% (1,85,911 वोट) मिला। मतलब की हार जीत का अंतर महज 17211 वोटों का था जो की कभी भी एक सेफ सीट से जीत-हार का अंतर नहीं हो सकता है।

अब ऐसे मे केजरीवाल और मीडिया द्वारा ये चिल्लाना की मोदी जी वाराणसी की सेफ सीट से लड़ने जा रहे हैं तो मोदी की हवा कहाँ है ?

तो लपड़झंडूसों मोदी जी कॉंग्रेस के गढ़ वाराणसी मे सेंध लगाने जा रहे हैं जो की निश्चित है ऐसे मे वाराणसी के सेफ सीट होने का दुष्प्रचार केजरीवाल और मीडिया द्वारा किया जा रहा है। इसका सिर्फ एक ही कारण है की मोदी वाराणसी से हार जाएँ क्यूंकी कॉंग्रेस, बसपा, सपा और केजरीवाल सभी एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे एवं पूरे पूर्वाञ्चल समेत बिहार के इलाकों मे मोदी लहर थम जाये।

तो बिके हुए दलाल लपड़झंडूस आपियों ये दिवास्वप्न छोड़ो और अपनी असली दलाली वाली औकात पर आ जाओ। क्यूंकी वाराणसी सीट पर विजय तुमसे ना हो पाएगा.....

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