Thursday, January 2, 2014

भारतीय के लिए चुनौती लार्ड मैकाले का पत्र

हर भारतीय के लिए चुनौती

सन् 1836 में लार्ड मैकाले अपने पिता को लिखे एक पत्र में कहता है:
"अगर हम इसी प्रकार अंग्रेजी नीतिया चलाते रहे और भारत इसे अपनाता रहा तो आने वाले कुछ सालों में 1 दिन ऐसा आएगा की यहाँ कोई सच्चा भारतीय नहीं बचेगा.....!!"
(सच्चे भारतीय से मतलब......चरित्र में ऊँचा, नैतिकता में ऊँचा, धार्मिक विचारों वाला, धर्मं के रस्ते पर चलने वाला)

भारत को जय करने के लिए, चरित्र गिराने के लिए, अंग्रेजो ने 1758 में कलकत्ता में पहला शराबखाना खोला, जहाँ पहले साल वहाँ सिर्फ अंग्रेज जाते थे। आज पूरा भारत जाता है।

सन् 1947 में 3.5 हजार शराबखानो को सरकार का लाइसेंस, सन् 2012 -13 तक लगभग 26 ,000 दुकानों को मौत का व्यापार करने की इजाजत।

चरित्र से निर्बल बनाने के लिए सन् 1760 में भारत में पहला वेश्याघर कलकत्ता में सोनागाछी में अंग्रेजों ने खोला और लगभग 200 स्त्रियों को जबरदस्ती इस काम में लगाया गया।आज अंग्रेजों के जाने के 64 सालों के बाद, आज लाखों महिलायें इस गलत काम में लिप्त हैं और अब तो सामचिक मंचों पर भी ये धंधा आरम्भ हो चूका है...!

इसके साथ साथ बोलीवुड का फ़िल्मी और विज्ञापन जगत, इन्टरनेट की दुनिया, न्यूज़ चैनेल और समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की वेबसाईट्स भी चारित्रिक पतन करने के लिए जी-जान से जुटी हुयी हैं.

अंग्रेजों के जाने के बाद जहाँ इनकी संख्या में कमी होनी चाहिए थी वहीं इनकी संख्या में दिन दुनी रात चौगुनी वृद्धि हो रही है !!

आज हमारे सामने पैसा चुनौती नहीं बल्कि भारत का चारित्रिक पतन चुनौती है।
इसकी रक्षा और इसको वापस लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए !!!
॥ जय हिन्द ॥ जय जय माँ भारती ॥ वन्दे मातरम् ॥

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