Monday, June 10, 2013

कांग्रेसी अडवानी जी पर रो रहे है

कांग्रेसी अडवानी जी पर रो रहे है जिन्होंने निसहाय सीता राम केसरी जी को लाते मार मार कर अधमरा कर दिया था और श्री नरसिम्हा राव जी की मृत शारीर को भी अपमानित किया।
समाजवादी पार्टी के लोग अडवानी जी पर रो रहे है जिन्होंने जनेश्वर मिश्र का सिर्फ और सिर्फ राजनेतिक इस्तेमाल किया और जीवित रहते पार्टी का महत्वपूर्ण पद भी न दिया।
जेडी यू के नेता भी रो रहे है श्री अडवानी जी पर परन्तु नितीश और शरद यदाव जी ने जोर्ज फर्नाडिस के साथ क्या किया की वो बुदापे में जेडी यू के खिलाफ मुजफ्फरपुर से लोक सभा का चुनाव लड़े।
और लल्लू यादव बड़े प्रवचन कर रहे है भूल गए जब बुजुर्ग राम सुन्दर दास के सर पर पैर रख कर १ ९ ९ ० में बिहार के मुख्य मंत्री बने थे।

मुझे केवल यह कहना है की जब श्री अडवानी जी को २ ० ० ४ और २ ० ० ९ में प्रधानमंत्री के पद के लिए लड़ाया गया था तो उनको आज समझना चाहिए की हार के कारण क्या थे। क्या बीजेपी की जन्मपत्री में हारना ही नियति है.

No comments:

Post a Comment

शंकराचार्य और सरसंघचालक एक_तुलनात्मक_अध्ययन

वरिष्ठ आईपीएस चाचाजी  श्री Suvrat Tripathi की कलम से। #शंकराचार्य_और_सरसंघचालक_एक_तुलनात्मक_अध्ययन सनातन धर्म की वर्णाश्रम व्यवस्था के ...