Saturday, June 15, 2013

ये आजाद लोकतंत्र नहीं भ्रष्ट राजतंत्र हें,?

सत्ता के लिए इस देश के नेता किसी भी स्तर तक गिर सकते हे ,देश की करोडो जनता के साथ आजादी नाम की लड़ाई के लिय 1947 के पहले ही धोखा करते रहे, सत्ता का हस्तांतरण करके( 545 के सदन में 543 का चुनाव और 2 मनोनीत अंग्रेज आज भी क्यु सदन के सदस्य हें ?) देश की जनता को धोका देकर आज भी अंग्रेजो के 1860 के कानून , पुलिस एक्ट , भूमि एक्ट , निरंकुस सत्ता , जाति, धर्म के नाम पर बट्बारा, आम आदमी को कानून और पुलिस स...े भयभीत करके, अकारण तारीख पर तारीख जिसका कोई ओचित्य नहीं, न्याय से बंचित रखने का षड्यंत , भ्रष्ट लोगो को जाँच और कानून के नाम पर आजीवन संरक्छन, अपराध और भ्रस्टाचार के आरोपी चमचो को सत्ता की मलाई में भागीदारी, किधर हे आजाद देश ?,और जनतंत्र ? पूरी तरह राज तंत्र हें I
जनता जिसे भ्रष्ट और गुंडा लुटेरा जनबिरोधी देख कर चुनाव में हरा भी दे
उसे राज्यसभा और बिधान परिसद ,आयोग के चेयरमेन बना कर मंत्री का दर्जा जिससे जनता हतोत्साहित होकर मज़बूरी में उस भ्रष्ट को नेता मानने को मजबूर हो,
ये आजाद लोकतंत्र नहीं भ्रष्ट राजतंत्र हें,?

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