Wednesday, June 19, 2013

इतिहास मुझे बार बार चेतावनी

 इतिहास मुझे बार बार चेतावनी देता रहा है कि कायर, शक्तिहीन तथा असमर्थ लोगों का जीवन मृत्यु से भी बदतर और निरर्थक होता है, बनावटी धर्म-निर्पेक्षता का नाटक बहुत हो चुका, भारत हिन्दू प्रधान देश है और वही रहैगा, मुझे अपने हिन्दू होने पर गर्व है, भारत मेरा देश है मैं इसे किसी दूसरे को हथियाने नहीं दूँगी”

स्वदेश तथा अपने घर की सफाई के लिये मुझे अकेले ही सक्रिय होना है, कोई दूसरा मेरे उत्थान के लिये परिश्रम नहीं करेगा, हिन्दूवादी सरकार चुनने का अवसर तो मुझे केवल निर्वाचन के समय ही प्राप्त होगा किन्तु कई परिवेश हैं जहाँ मैं बिना सरकारी सहायता और किसी सहयोगी के अकेले ही अपने भविष्य के लिये बहुत कुछ कर सकती हू, मेरे पास समय अधिक नहीं है, मैं कई व्यक्तिगत निर्णय तुरन्त क्रियात्मक कर सकती हूँ, प्रत्येक निर्णय मुझे हिन्दूराष्ट्र की ओर ले जाने वाली सीढी का काम करेगा...

जैसे किः-

- अपने निकटतम हिन्दू संगठन से जुड कर कुछ समय उनके साथ बिताऊँ ताकि मेरा मानसिक, बौधिक और सामाजिक अकेलापन दूर हो जाये, मेरे पास कोई संगठन न्योता देने नहीं आयेगा, मुझे स्वयं ही संगठन में आपने आप जा कर जुडना है...

- अपने देश की राष्ट्रभाषा हिन्दी को सीखूं, अपनाऊँ और फैलाऊँ, जब ऐक सौ करोड लोग इसे मेरे साथ इस्तेमाल करेंगे तो अन्तर्राष्ट्रीय भाषा हिन्दी ही बनेगी. मुझे अपने पत्रों, लिफाफों, नाम प्लेटों में हिन्दी का प्रयोग करना है, मैं अंग्रेजी का इस्तेमाल सीमित और केवल अवश्यकतानुसार ही करुँगी...

- मुझे किसी भी स्वार्थी, भ्रष्ट, दलबदलू, जातिवादी, प्रदेशवादी, अल्पसंखयक प्रचारक और तुष्टिकरण वादी राजनेता को निर्वाचन में अपना वोट नहीं देना है और केवल
हिन्दूवादी नेता को अपना प्रतिनिधि चुनना है...

- मुझे उन फिल्मों, व्यक्तियों और कार्यों का बहिष्कार करना है, जो मेरे ही धन से, कला और वैचारिक स्वतन्त्रता के नाम पर हिन्दू विरोधी गतिविधियाँ करते हैं...

- मुझे जन्मदिन, विवाह तथा अन्य परिवारिक अवसरों को हिन्दू रीति रिवाजों के साथ आडम्बर रहित सादगी से मनाना है और उन्हें विदेशीकरण से मुक्त रखना है...

- जन-जागृति के लिये पत्र पत्रिकाओं तथा अन्य प्रचार स्थलों में लेख लिखूँगी और दूसरे साथियों के विचारों को पढूँगी. हिन्दूओं के साथ अधिक से अधिक मेल-जोल करने के लिये मैं स्वयं अपने निकटतम घरों, पार्को, मन्दिरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जा कर उन में दैनिक जीवन के सामाजिक तथा राजनैतिक विषयों पर विचार-विमर्श करुँगी...

- मैं अपने देश में किसी भी अवैध रहवासी अथवा घुस पैठिये को किसी प्रकार की नौकरी य़ा किसी प्रकार की सहायता नहीं दूंगी, मैं अवैध मतदाताओं के सम्बन्ध में पुलिस तथा स्थानीय निर्वाचन आयुक्त को सूचित करुँगी ताकि उनके नाम सूची से काटे जा सकें...

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